दुनिया का नक़्शा फिर बलदेगा!
साम्राज्यवादी ताक़तों ने मुल्कों, क़ौमों और मुख़्तलिफ़ क्षेत्रों पर वर्चस्व की जो हालत क़ायम कर रखी थी,वह बदल रही है, बिल्कुल उसी तरह जैसे बीसवीं सदी के मध्य में साम्राज्यवाद विरोधी आंदोलनों के दौरान तब्दीली आयी थी।

साम्राज्यवादी ताक़तों ने मुल्कों, क़ौमों और मुख़्तलिफ़ क्षेत्रों पर वर्चस्व की जो हालत क़ायम कर रखी थी,वह बदल रही है, बिल्कुल उसी तरह जैसे बीसवीं सदी के मध्य में साम्राज्यवाद विरोधी आंदोलनों के दौरान तब्दीली आयी थी।
उस महापुरुष को विदा करने में अब गिनती के तीन दिन
आज बुधवार 1 जुलाई 2026
शहीद रहबर इमाम सैयद अली ख़ामेनेई के शव को अलविदा कहने में सिर्फ़ 3 दिन बचे हैं!
#उठ खड़े होना चाहिए
#शहीद ख़ामेनेई