
उन्होंने, अपनी ज़िंदगी और अपनी शहादत से यह दिखा दिया कि शहीद होने का क्या अर्थ है और इस के लिए क्या क़ीमत देनी पड़ती है; यह कि जिस कॉज़ पर आपका ईमान हो और अपने महान अल्लाह पर ईमान और अक़ीदे के लिए, अपनी ज़िंदगी सहित सब कुछ क़ुर्बान करने के लिए तैयार रहना चाहिए।