आपका बड़ा एहसान होगा, अगर आप न जाएं
शहादत, फ़ायदेमंद मौत है, अच्छी तरह सोची समझी हुयी मौत है, जो शख़्स भी अल्लाह की राह में शहीद होता है, वास्तव में वह बेहतरीन हिसाब लगाए होता है।