मेरे जैसा यज़ीद जैसे की बैअत नहीं करता

शहीदों के सरदार इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की वफ़ादार संतान, अपने मज़लूम पूर्वज के अहद पर बाक़ी रही और उन्होंने ज़िल्लत की ज़िंदगी पर शहादत को चुना। शहीद सैयद अली "हुसैनी" ख़ामेनेई पर अल्लाह का दुरूद हो।

शहीदों के सरदार इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की वफ़ादार संतान, अपने मज़लूम पूर्वज के अहद पर बाक़ी रही और उन्होंने ज़िल्लत की ज़िंदगी पर शहादत को चुना। शहीद सैयद अली "हुसैनी" ख़ामेनेई पर अल्लाह का दुरूद हो।