
फ़ार्स की खाड़ी में अमरीका ने एक बार फिर अपनी मुतालबे मनवाने की उम्मीद में वादाख़िलाफ़ी और फिर आक्रामकता की शैली को आज़ामाना लेकिन इस बार मामला अलग है। इस बार अमरीका का अपने वचन को तोड़ना और आक्रामकता ईरान के पीछे हटने का सबब नहीं, बल्कि ईरान की ओर से अपनी ताक़त के प्रदर्शन और वॉशिंग्टन के लिए आक्रामकता की क़ीमत बढ़ने का सबब बनेगी। यह ऐसी हक़ीक़त है जिसके सामने आने का सबसे अहम मैदान, होर्मुज़ जलडमरूमध्य है।