
जबसे अंतिम ईश्वरीय दूत के पाकीज़ा वजूद का चमकता सूरज मक्का में उदय हुआ, मानव कल्याण के क्षितिज को, जो परम सत्य अल्लाह की संपूर्ण बंदगी और इताअत के अधीन है, एक नई रौशनी हासिल हो गयी। अल्लाह के दूत, फ़रिश्तों और नेक बंदों की आत्माएं ख़ुशी में डूब गयीं।