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शहीद रहबर का जनाज़ा नजफ़ से कर्बला पहुंचा

रिपोर्ट मिलने तक इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर आयतुल्लाह सैयद अली हुसैनी ख़ामेनेई का जनाज़ा कर्बला में था। बुधवार 8 जुलाई 2026 की रात को उनका जनाज़ा कर्बला पहुंचा। कर्बला पहुंचने पर, उनके जनाज़े पर फूलों की बारिश की गयी और उनकी शवयात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। क़रीब 11 घंटे की शवयात्रा के बाद, शहीद रहबर का जनाज़ा इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के रौज़े में दाख़िल हुआ।

शैख़ अब्दुल महदी कर्बलाई ने, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के रौज़े में, उम्मत के शहीद इमाम की नमाज़े जनाज़ा पढ़ाई।

गुरुवार की सुबह उनका जनाज़ा हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम के रौज़े में दाख़िल हुआ। 
अल्लामा सैयद अहमद साफ़ी ने, हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम के रौज़े में, शहीद रहबर की नमाज़े जनाज़ा पढ़ायी।

शहीद रहबर का जनाज़ा नजफ़ से कर्बला, उस रास्ते से गुज़राजिस पर अर्बर्ईन के श्रदधालु पैदल चलते हैं। इस साल ईरान के शहीद आग़ा अर्बर्ईन के पहले ज़ायर बन गये।

कल इससे पहले आयतुल्लाह सैयद मोहम्मद तक़ी हकीम ने नजफ़ में अमीरुल मोमेनीन के रौज़े मेंशहीद रहबर की नमाज़े जनाज़ा पढ़ाई थी। 

नमाज़े जनाज़ा में अवाम की भारी तादाद अलावा, आयतुल्लाहिल उज़्मा सीस्तानी के बेटे शहीद रहबर की नमाज़े जनाज़ा और शवयात्रा में शरीक हुए। इसी तरह नजफ़ अशरफ़ में शहीद रहबर की शवयात्रा में इराक़ के राष्ट्रीय हिकमत धड़े के प्रमुख सैयद अम्मार हकीम ने भी शिरकत की।

ग़ौरतलब है कि बुधवार को शहीद रहबर के परिवार के शहीदों के जनाज़ों को पहले ही कर्बला रवाना कर दिया गया था।