क़ुरआन, इंसान के दुखों के इलाज की किताब
क़ुरआन मजीद, इंसान के दुखों के इलाज की किताब है, चाहे वो आत्मिक, मनोवैज्ञानिक और वैचारिक हों और चाहे मानव समाज की पीड़ाएं हों जैसे जंग, ज़ुल्म और नाइंसाफ़ी।
शहीद इमाम ख़ामेनेई
22 फ़रवरी 2024
उस महापुरुष को विदा करने में सिर्फ़ 1 दिन
जो हर दिन क़ुरआन की तिलावत करता था और सभी से कहता था कि क़ुरआन पढ़ें। वह शख़्स जिस के लिए क़ुरआन मजीद, तमाम भलाइयों तक पहुंच का रास्ता था।
अल्लाह का सलाम हो, क़ुरआन की राह के शहीद पर।
आज शुक्रवार 3 जुलाई 2026, शहीद रहबर इमाम सैयद अली ख़ामेनेई के शव को अलविदा कहने में सिर्फ़ दिन बचा है!
#उठ खड़े होना चाहिए
#शहीद ख़ामेनेई
