मूल्यहीन अमरीकी दस्तख़त
महाशैतान द्वारा उस एमओयू के बार बार उल्लंघन ने कि जिस पर ईरान और अमरीका के राष्ट्रपतियों ने दस्तख़त किए थे, एक बार फिर इस हक़ीक़त को सबके लिए साबित कर दिया कि अमरीकी राष्ट्रपति के दस्तख़त कितने मूल्यहीन और अविश्वसनीय हैं और मुंहज़ोरी, वर्चस्ववाद और बर्बरता, अमरीकी व्यवहार और मत का अभिन्न अंग है।
सैयद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई
17 जुलाई 2026
