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अगर मुसलमान एकजुट ताक़त होते...?!

अगर मुसलमान एकजुट ताक़त होते, अपनी मुट्ठी को मज़बूती से भींचते तो क्या फ़िलिस्तीनी क़ौम इस तरह असहाय होकर क़ाबिज़ों के ज़ुल्म व सितम का निशाना बनती?

इमाम सैयद मुज्तबा ख़ामेनेई

30 अगस्त 2026