एकता सप्ताह के मौक़े पर इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता के पैग़ाम के मुख्य बिन्दु
आज वह दिन है जब असत्य पर सत्य के और कुफ़्र पर इस्लाम के निश्चित वर्चस्व का क्षितिज, पिछले सभी युगों की तुलना में कहीं ज़्यादा स्पष्ट तौर पर हक़ीक़त के क़रीब पहुंच चुका है।
